चंद्रप्रकाश द्विवेदी यांच्या दूरदर्शन वरील चाणक्य मालिकेतील प्रदर्शित भाग पहिला. त्यातील ही प्रश्नोत्तरे विचार करायला लावणारी आहेत.

धर्म और अर्थ का स्त्रोत क्या है?
धर्म और अर्थ का स्त्रोत राज्य है
प्रमाण
नमोस्तु राज्य वृक्षाय षटपुण्याय प्रसाखीने सभावी चारू पुण्याय त्रिवारी फलदायीने
राज्य का मुल क्या है?
राज्य का मुल राजा है
राजा मंत्रीपरिषद सेनापती सैनिक प्रजा और देश का परस्पर संबंध क्या है?
राजा राज्यारूपी वृक्ष का मुल है. मंत्रीपरिषद उस का धड है. सेनापती उसकी शाखाये है. सैनिक उसके पल्लव है. प्रजा उसके पुष्प है. देश की संपन्नता उसके फल है. समस्त देश उसका बीज है.
दुसरोपे विजय प्राप्त करने के बजाय किसपे विजय प्राप्त करना राजा के लिये परम आवश्यक है?
दुसरो पर विजय पाने कि अपेक्षा राजा को इंद्रीयोपर विजय पाना परम आवश्यक है. काम क्रोध लोभ मन मद और हर्ष के त्याग से इंद्रियो पर विजय प्राप्त करनी चाहिये.
सब से बडा शत्रू कौन है?
अहंकार
निर्धन का धन?
विद्या
सत्पुरुष कौन है?
जो परोपकार के लिये आगे बढे वही सत्पुरुष है.
स्त्री का आभूषण?
लज्जा
सबसे बडा वीर कौन है?
दानवीर
धन कि रक्षा किससे करनी चाहिये?
धन कि रक्षा चोरो व राजपुरुषोसे करनी चाहिये
सुख का मुल?
धर्म है
धर्म का मुल?
अर्थ है
अर्थ का मुल?
राज्य है
राज्य का मुल?
इंद्रिय जय है
इंद्रिय जय का मुल?
विनय है
विनय का मुल?
वृद्धो कि सेवा
राजा का हित किसमे है?
राजा का हित प्रजा के हित में होता है